कारगिल: शहीदों को नमन
तारीख थी सन 1999 की 26 जुलाई जब खत्म हुई 60 दिनों तक चली लड़ाई भारत की शान बढ़ाएं फ़िर तिरंगा लहराया दूर-दूर तक नहीं दिखा फिर दुश्मनों का साया भारत के जवानों से पाकिस्तान घबराया ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर , भारत भूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया वीरों ने अपने रक्त से फिर हिमालय का अभिषेक किया वो हुए शहीद और देशवासियों को निर्भीक किया इन रणबांकुरो का वादा था परिजनों से की लौट कर आएंगे मगर वो खुद अंजान थे वो इसे कैसे निभाएंगे शिद्दत थी उनकी बस इतनी कि या तो तिरंगा लहराएंगे या फिर उसी तिरंगे में घर वापस लिपट कर आएंगे वो लौटे पर अंदाज़ निराला था चार कांधो पर ताबूद में किसी का बेटा तो किसी का घर वाला था उसी तिरंगे में लिपटा था हर बेटा जिस की रक्षा की सौगंध खाई थी मातृभूमि की सुरक्षा के लिए उन वीरों ने हर रसम निभाई थी वो तो शहीद हुए अमर हुए बलिदानी दुश्मनों से आज़ादी की कीमत उनको पड़ी चुकानी विजय दिवस का ये पल अमर गान कर रहा है वीर सपूतों की गौरव गाथा का बखान कर रहा था। जय हिंद दीक्षा