Posts

Showing posts from January, 2012
ज़िन्दगी यु ही इतना दर्द देती रही हम सहते रहे चुप चाप बिना कहे कुछ शब्द बस यु ही बहते रहे हमारी आँखों से आंसू और यूं ही हो गये हम निशब्द ज़िन्दगी ने रुख पलती और हम भी टूट गए और हर ख़ुशी के पल हमसे छूट गए बस अब तो चले जा रहे है ज़िन्दगी की इन राहो में  और कर रहे है उम्मीद हस्ते हुए जाये मौत की बाहों में ..
आज ना जाने क्यों अश्क से नाता बनता सा जाता है शायद कुछ खो दिया हमने जिसे दिल चाहता है ज़िन्दगी अधूरी सी लगती है हर दम इस कदर की बस आँखों को चाहत सी बन गई देखेने  को इक नज़र जब जब दिल ने आवाज़ लगाई थी तुझे प्यार का हर दिया हवा से लगता जेसे अब बुझे ज़िन्दगी में जो चाहत किस्मत से आई थी वो तो अब आंसुओ के साए में  छाई  थी मै चलती रही ज़िन्दगी में कदम बडाये बस एक उम्मीद है की अब मंजिल मिल जाए पाने से पहले खोने का डर अब ख़तम हो गया बस ख़ुशी की आस में जीना भी सितम हो गया... दीक्षा ....