ज़िन्दगी यु ही इतना दर्द देती रही
हम सहते रहे चुप चाप बिना कहे कुछ शब्द
बस यु ही बहते रहे हमारी आँखों से आंसू
और यूं ही हो गये हम निशब्द
ज़िन्दगी ने रुख पलती और हम भी टूट गए
और हर ख़ुशी के पल हमसे छूट गए
बस अब तो चले जा रहे है ज़िन्दगी की इन राहो में
और कर रहे है उम्मीद हस्ते हुए जाये मौत की बाहों में ..
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