आज़ादी


मुगलो से लेकर अंग्रेज़ों तक..... 

कई शासकों ने किया इस ज़मीं पर राज..... 

किसी ने लूटी दौलत

तो किसी ने उजाड़ा बसा बसाया समाज। 

लेकिन कब तक बाहरी आक्रांता पहनते जीत का ताज़? 

मां भारती के वीर सपूतों ने बुलंद आवाज़ उठाई ... 

चारों दिशाओं में फ़िर क्रांति की लहर छाई। 

गुलामी की बेड़िया टूटी, 

और फिर आज़ादी की सुबह आई। 

आज़ाद देश में सबको मिला समानता का अधिकार.... 

संविधान ने दिया देश को एक नया आकार। 

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश बनने का हुआ सपना साकार। 

जहां जनता का राज है, जनता के सिर पर ताज है.... 

जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए  ही निर्धारित हर काज है। 

ये है आज़ाद हिंदुस्तान की ज़मीं

लहराता है जब तिरंगा तो आंखो में होती है नमी

यही हमारी पहचान है 

हमारा देश हमारी शान है

अपने देश की सुरक्षा के लिए समर्पित

हर हिंदुस्तानी वीर जवान है

जय हिंद


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