अनाछी: An Unwanted.......
कितनी बार कहा है तेरी मन मानी नहीं चलेगी , ये घर मेरा है और तुझे मेरे हिसाब से चलना होगा , लड़की है ज्यादा उड़ने की कोशिश मत कर समझी ……. ( रोते रोते सिसकियां लेती आवाज़ें आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह हह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ) चीख चीख कर ज़ोर से डांटने फटकारने का सिलसिला यूं ही चलता रहा और दरवाजे के बाहर तक आ रही आवाज़ें रात 11 बजे तक शांत हुई और बत्ती बुझ गयी। शेर सिंह तो अपनी अक्कड़ और रौब दिखा कर सो गए लेकिन सपनों की चमक की रौशनी को अंधेरे में तब्दील होने के बाद कोई कैसे सो सकता था , तो निराशा में डूबी अनाछी ही थी जो जागती रही और आंसू बहते रहे। अनाछी ....... पहली बार ऐसा नाम सुना था , इतना अनोखा की मतलब समझने के लिए इंटरनेट में खोजा। गूगल में मतलब भी जानने की कोशिश की पर कोई लाभ नहीं , दरअसल अनचाही को अनाछी और अनाछी को अनचाही मान लिया गया था और वही नाम भीरख दिया गया । दरअसल पैदा होते ही इस नन्ही सी बच्ची ने मां को खो दिया था , आया कमला के साथ घर में प्रवेश किया , तब से वो आया ही अनाछी की आइमा थी जो प्यार तो कर सकती थी पर उसके हक़ के लिए लड़ाई नहीं कर सकती ...