ज़िन्दगी ............????
क्यों रोज-रोज एक नया इम्तिहान मेरे सामने ले आती है
जीवन एक संघर्ष है इस बात को समझाती है,
पर फिर भी ना जाने क्यों हँसा कर रुला जाती है........
सोचते थे की पा लेंगे मुकाम ऐसा हम भी कभी ,
बस पूरे होंगे सपने जो लगते है अधूरे से अभी ,,,,
पर रोज रोज ये मुश्किल भरे पल रास्ते में आते है ....
जो दोस्त करते साथ निभाने का वादा वो भी साथ छोर जाते है...
बड़ी मुश्किल में फासी ये मेरी जिंदगानी है....
समय है हाथो की रेत और आँखों में पानी है ....
बस लगता है यूँ ही अति जाती गमो की रवानी है.....
ये तो लगता है जेसे हर इंसान की कहानी है.....
दीक्षा .............
Nice one
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