वक़्त की सीख...
जिंदगी कई मोड़ लेती है,
उतार चढ़ाव में अक्सर तोड़ देती है।
कभी खुशियों का सैलाब आता है,
कभी गम के साये में सब छूट जाता है।
कभी इतना अच्छा वक़्त आता है,
की हर कोई आपका अपना हो जाता है।
लेकिन जब वही वक़्त बुरा हो जाता है,
अपने परायों का एहसास भी हो जाता है।
हंसी के पलों में ठहाके हज़ार लगाते है,
बेवक़्त खुशी को बांटने तो सभी चले आते हैं।
ज़रा मुसीबत बांट कर देखिये,
जो पास लगते हैं वो भी दूर चले जाते हैं।
फिर दलीलों और सफाइयों का दौर शुरू होता है,
काम ना आने का बहाना तैयार होता है।
सबका काम कहीं ना कहीं अटक जाता है,
जाने क्यों उस समय वही करीबी कहीं भटक जाता है।
पर सच तो यही वक़्त सिखा देता हैं।,
जिंदगी की असलियत से रूबरू करवा देता है।
बुरे वक़्त में कोई कोई ही काम आता है...
दीक्षा


इसी का नाम जीवन है इस जीवन में सौ ऊंच नीच होते रहते हैं हर एक अलग तरह से अपना जीवन कर्मो अनुकूल जीता है अंत भी समय अनुकूल होता है यह किसी को नहीं पता कब क्या होगा प्रभु की करनी प्रभुजी जाने
ReplyDeleteजय माता दी बोलो जी खुश रहो बेटा होनी तो होकर रहेगी ज्यादा न सोचो
प्रभुजी को याद करते रहो शांति मिलेगी
कांची दादी का आशीर्वाद साथ है न
फ्लैंग्किस दादी का
कांची
Good
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