छूटता बचपन! बाल मज़दूरी

 


Pic curteousy: Google






छोटा सा सपना था, पूरी दुनिया में छा जाऊंगा

नहीं पता था,शिक्षा और सपना छोड़ पैसे कमाऊंगा

शिक्षा मिलती तो आज बड़ा अफसर होता

काश मेरे पास भी ये अवसर होता

पर ये शायद किस्मत की है बात

अपनी तो तकदीर ने ही मारी है लात

मेरी मजबूरी ने मुझे उजाड़ा

पेट की भूख ने सपना बिगाड़ा 

ऊपर से महामारी आई

कमाई पर भी रोक लगाई

आज एक सवाल का देंगे जवाब

मेरे छूटे बचपन का कौन देगा हिसाब? 

#दीक्षा


#child_labour #StopChildLabour


Comments

Popular posts from this blog

आज़ादी

अनाछी: An Unwanted.......